Poem - Winter Nights
- Gopal Vaishnav

- Oct 9, 2025
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Hindi Poem -
प्यार किया तो थोड़ा सहना भी होगा,
देखोगी तस्वीर तब थोड़ा, रोना भी होगा।
याद तो सताएँगी तुझे मेरी सर्द भरी रातों में,
तकिये को गोपाल समझकर, लिपटकर सोना होगा।
करवटें बदलते-बदलते हर हम्म पर नाम मेरा होगा,
बंद आँखों के काले पर्दों पर चेहरा मेरा ही होगा।
मचलेगा दिल, बढ़ेंगी धड़कनें तेरी सर्द भरी रातों में,
उस दर्द का मीठा-मीठा मर्म भी मेरा नाम होगा।
उठकर बैठ जाओ तो शायद ख्याल मेरा ही होगा,
मोबाइल में देखोगी तो शायद आख़िरी मैसेज मेरा होगा।
मैं जानता हूँ, दिल भर के रोई होगी तू उन सर्द भरी रातों में,
इस गुनाह का कसूरवार भी तेरा ये शायर बदनाम होगा।




Perfect
Bhut he sundar rachna 🤌👏
Beautiful poem. Keep sharing n writing