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Poem - Maine Pucha Dil se

  • Writer: Nirali Virani
    Nirali Virani
  • Oct 11, 2025
  • 1 min read
A person in a courtyard with turquoise doors. Poem from Luvv It


मैंने पूछा दिल से जब घरवापसी करूं तो क्या लिखूं?


तो बोला कि,


तु ये लिखना कि घरवापसी पर जब माँ का हाथ सिर पर पड़े तो कैसे हर मुश्किलें मिट जाती।


तू ये लिखना कि थकान और हार के स्वाद की बूंद बूंद धीरे धीरे पिघल रही है घर की दहलीज पार करते ही।


सांस तो हम लेते थे उस बंद कमरे में जहाँ जब जाते तब भी अकेले, आते तब भी अकेले,


तुम ये लिखना कि बिछड़े हुए उन हंसों के जोड़े से थे हम, घर तक आए तो सांस आई।


कोई इंतजार नहीं करता या कोई पूछता नहीं कि "कैसा रहा आज का दिन तुम्हारा?"


बस घरवापसी में उस सुकून की तलाश लिखना, जहाँ खाना ना खाने पर सारा घर पूछता क्या हुआ है? कुछ और बना दूं?


हस तो हम लेते है उन दोस्तों के साथ, पर उसमें कहीं न कहीं वो घर की याद रहती ही है।


घरवापसी पे आज दिल अपने वजूद और अपने लोगों से मिला है।


  • Poem by Nirali

2 Comments

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Nirali Virani
Nirali Virani
Feb 07
Rated 5 out of 5 stars.

Heart touching poem

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sonali choudhary
sonali choudhary
Oct 11, 2025

Beautiful 😍

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