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Hindi Poem - Hunar

  • Writer: Chhaya Kumari
    Chhaya Kumari
  • Mar 23
  • 2 min read
Woman in pink dress enjoying coffee on a cozy sofa. Open book, glasses, and daisies on wooden table. Bright, sunlit room. Serene mood.

हुनर  

तुम कहते हो मुझमें कोई हुनर नहीं है। 

ठीक कहते हो… शायद।

क्योंकि जो दिखता है, 

उसे देख लेना आसान होता है, 

और जो महसूस होता है ,

उसे देखने के लिए नज़र नहीं, नज़रिया चाहिए।


पर अगर सच में जानना चाहो, तो एक बात कहूँ ,

मेरे हुनर को देखने के लिए ,

तुम्हें भी थोड़ी-सी तालीम लेनी पड़ेगी।


देखोगे मेरा हुनर तुम एक दिन ,

जब मैं सुबह की भागदौड़ में भी 

अपने हिस्से का सुकून बचा लूँगी, 

जब सारे कामों के बीच 

अपने लिए कुछ पल चुरा लूँगी।


जब इतवार की सुबह आलस में नहीं,

सलीके में ढल जाएगी,

और मैं धीरे-धीरे अपने घर को सजाऊँगी

सफेद, हल्के बादामी, या सी-ग्रीन परदों से,

जिनसे छनकर आती धूप ,

मेरे लिविंग रूम में खामोशी से उतर जाएगी, 

जैसे कोई एहसास बिना आवाज़ के दिल में बस जाए।


और मैं वहीं बैठकर, 

अपने हाथों से बनी गरम चाय की चुस्कियों में ,

एक पूरा दिन घोल दूँगी।


देखोगे मेरा हुनर तुम

 जब सादगी से बनी दाल-चावल और आलू की सब्ज़ी में भी,

 मैं स्वाद से ज़्यादा अपनापन परोस दूँगी।


पर ये सब मैं किसी और के लिए नहीं, 

खुद के लिए करूँगी क्योंकि हुनर,

पहले खुद को संवारता है, फिर दुनिया को दिखता है।


देखोगे मेरा हुनर तुम 

जब मेरी बालकनी में छोटे-बड़े, 

रंग-बिरंगे पौधे होंगे, जिन्हें मैंने धैर्य से लगाया होगा, 

ज़रूरत भर पानी दिया होगा, 

और हर नई पत्ती के साथ एक छोटी-सी उम्मीद उगाई होगी।


देखोगे मेरा हुनर तुम 

जब एक आम-सी साड़ी में भी - मैं खास लग जाऊँगी,

 जब बिना सिंगार के भी

 एक सादी सी बिंदी लगा कर ही सज जाउंगी।

और शायद जब यूँ ही लंबे-लंबे ख्याल लिखते-लिखते 

एक दिन मैं एक पूरी कहानी कह जाऊँगी।


देखोगे मेरा हुनर तुम एक दिन…

पर उससे पहले क्या तुम ,

उसे देखने की तालीम हासिल कर पाओगे?


जिस दिन तुम अपनी आँखों से,

 ये भारी-भरकम ब्लैक-एंड-व्हाइट पर्दे हटाकर,

हल्के गुलाबी, या थोड़े-से रंगीन ख्वाब टांगोगे

शायद उस दिन तुम मुझे समझ पाओगे।


शायद उस दिन तुम मेरा हुनर देख पाओगे।

तो हाँ एक दिन देखोगे तुम मेरा हुनर…

पर उससे पहले, 

उसे देखने की तालीम हासिल कर आना।

4 Comments

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Luvv A Sanwal
Luvv A Sanwal
Mar 23
Rated 5 out of 5 stars.

Very nice poem

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chhaya kumari
chhaya kumari
Mar 23
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😊 Thanks a lot.


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Dr. Jhumpa Sarkar
Dr. Jhumpa Sarkar
Mar 23
Rated 5 out of 5 stars.

👏👏

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chhaya kumari
chhaya kumari
Mar 23
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Thanks Ma'am 😊😍

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